ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को पक्का करने की मांग को लेकर 16 दिन से हड़ताल जारी

26 अक्टूबर को मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में अधिकार रैली करने का ऐलान
नारायणगढ़ 25 अक्तूबर | सेंटर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के नेता सतीश सेठी ने बीडीपीओ कार्यलय पर प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण सफाई कर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि भाजपा-जजपा के गठबंधन वाली सरकार दलित विरोधी रुख अख्तियार किए हुए है। एक तरफ जंहा गांवों को साफ-सुथरा रखने वाले सफाई कर्मी 10 अक्टूबर से हड़ताल पर है और सरकार उनसे बात तक नही कर रही है। वंही दूसरी और नारायणगढ़ नगरपालिका में घर-घर से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारियो को टेंडर खत्म होने का कहकर नोकरी से हटा दिया है।
हटाए गए कर्मचारी काम देने की मांग को लेकर आंदोलन पर है। परंतु उनकी कंही कोई सुनने वाला ही नही है। सेठी ने कहा कि 2014 में भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में सफाई कर्मियों को पक्का करने का वायदा किया था। परंतु पिछले 9 साल में एक भी कच्चे सफाई कर्मचारी को पक्का नही किया है। सालों से ग्रामीण सफाई कर्मी व घरों से कूड़ा उठाने वाले कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे है। परंतु उनकी नोकरी पक्की नही की जा रही है। इसलिए सीटू मांग करता है कि सरकार तुरन्त अपना वायदा पूरा करे वरना आने वाले चुनावों में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान निर्मल सिंह, ब्लाक प्रधान बीर सिंह व जिला कमेटी सदस्य नरेंद्र कुमार ने कहा कि कर्मचारी लगातार जिला मुख्यालय व ब्लाक पर प्रदर्शन कर रहे है। परंतु मुख्यमंत्री व पंचायत मंत्री चुप्पी साधे बैठे है। इसलिए कल 26 अक्टूबर को राज्य भर के ग्रामीण सफाई कर्मचारी करनाल में इक्कठे होकर महाऋषि बाल्मीकि जयंती का आयोजन कर सरकार से नोकरी पक्की करने व न्यूनतम वेतन 26 हज़ार लागू करने का अपना अधिकार मांगेंगे।